NEET UG 2026 Re-Exam: सुप्रीम कोर्ट ने कंप्यूटर आधारित पुनर्परीक्षा कराने से किया इनकार, 27 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

नई दिल्ली: NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित कराने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पहले से ही कई प्रशासनिक और तकनीकी चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे में परीक्षा पद्धति में बदलाव करना उचित नहीं होगा।

केवल CBT मोड में परीक्षा कराने की थी मांग

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए अधिवक्ता सत्याम सिंह राजपूत ने अदालत को बताया कि उनकी एकमात्र मांग यह है कि 21 जून को प्रस्तावित पुनर्परीक्षा कंप्यूटर आधारित प्रणाली के माध्यम से कराई जाए। उन्होंने किसी अन्य राहत की मांग नहीं की।

हालांकि, न्यायालय ने कहा कि इस प्रकार की मांग पहले भी विभिन्न याचिकाओं में उठाई जा चुकी है, जिन्हें पहले ही खारिज किया जा चुका है।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिंहा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की पीठ ने कहा कि फिलहाल पुनर्परीक्षा को CBT मोड में कराने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। अदालत ने टिप्पणी की कि NTA पहले से कई समस्याओं से जूझ रही है। परीक्षा पहले रद्द हो चुकी है और अब उसका दोबारा आयोजन किया जा रहा है, इसलिए इस स्तर पर परीक्षा प्रणाली बदलना व्यावहारिक नहीं है।

पीठ ने यह भी संकेत दिया कि याचिका को या तो तुरंत खारिज किया जा सकता है या फिर न्यायालय की छुट्टियों के बाद इस पर विचार किया जाएगा।

27 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह और अन्य याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर इस मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की गई है। उस दिन अदालत इस याचिका पर आगे की कार्यवाही करेगी।

छात्रों के लिए क्या है संदेश?

सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद फिलहाल यह लगभग स्पष्ट हो गया है कि NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा पारंपरिक ऑफलाइन पद्धति से ही आयोजित की जाएगी। ऐसे में अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रारूप में बदलाव की उम्मीद छोड़कर अपनी तैयारी पर पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

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